Bakwas - Osho

‘बकवास’ अधिक जीवंत है।
बकवास ’ तर्कसंगत (रैशनलाइज़ेशन) से अधिक अच्छा शब्द है, लेनिक उनका अर्थ एक ही है। तर्कसंगत किताबी शब्द है--ऐसा शब्द जिसका उपयोग प्रोफेसर करते हैं; ‘बकवास’ अधिक जीवंत है। तर्कसंगत निर्जीव है; ‘बकवास ’ बहुत युवा है, जीवंत और चोट करता हुआ। लेकिन अर्थ वही है; उनमें अंतर नहीं हैं। 

‘तर्कसंगत’ एक दार्शनिक शब्द है। ‘बकवास’ सामान्य व्यक्ति की भाषा है, भीड़ की, वे लोग जो जमीन पर, जमीन के साथ रहते हैं, जिनके हाथ कीचड़ से भरे हैं। ‘बकवास ’ शब्द भी कीचड़ से भरा है क्योंकि यह उन लोगों द्वारा उपयोग किया जाता है जो सामान्य कार्य और जीवन जीते हैं। यह विश्वविद्यालय के ऊंचे शिखर से नहीं आता। और यह अधिक प्रामाणिक है, यह तर्कसंगत से अधिक कहता है। जो शब्द प्रोफेसरों द्वारा उपयोग किए जाते हैं वे निस्तेज होते हैं। वे मृत शब्द होते हैं--किताबी, लेकिन बहुत नहीं कहते; कहने से अधिक वे छिपाते हैं। मुझे इस तरह कहने दें, तर्कसंगत शब्द, ‘बकवास’ शब्द का प्रयोग टालने की तर्कसंगती है।

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