तीसरी आँख का रहस्य -ओशो
तीसरी आँख का रहस्य -ओशो तीसरी आँख का रहस्य -ओशो एक बार तुम जान जाओ कि श्वास के बिना भी कैसे तु…
तीसरी आँख का रहस्य -ओशो तीसरी आँख का रहस्य -ओशो एक बार तुम जान जाओ कि श्वास के बिना भी कैसे तु…
कल्पना द्वारा नकारात्मक को सकारात्मक में बदलना – ओशो सुबह उठते ही पहली बात, कल्पना करें कि तुम…
ओशो कौन थे? | ओशो के विचार, जीवन दर्शन और ध्यान मार्ग ओशो कौन थे? | ओशो के विचार, जीवन दर्शन …
आदमी के सात प्रकार के शरीर (सात शरीरों से गुजरती कुंडलिनी) सातवीं प्रश्नोत्तर चर्चा: प्रश्न:…
ओशो का स्वर्णिम बचपन मे रे बचपन में मेरे माता पिता के साथ यह प्रतिदिन की समस्या थी। मैंने उन…
ध्यान और प्रेम एक ही अनुभव हैं ओशो, प्रेम और ध्यान एक-दूसरे के विपरीत छोर लगते हैं। कृपा करक…
जिम्मेदारी तुम जिम्मेदारी शब्द का अर्थ तक नहीं समझते। समाज बड़ा चालाक है। इसने हमारे सबसे सुंद…
प्रेम करना और प्रेम की मांग करना दो अलग बातें हैं "अपने जीवन को प्रेम से भर दो। पर तुम कह…
प्रेमपूर्ण व्यक्ति स्वर्ग में जीता है "प्रेम से वंचित व्यक्ति अकेला जीता है, आस्तित्व के …
केवल प्रेम ही अर्थपूर्ण है "वास्तव में, जब तुम प्रेम में पड़ते हो तब तुम उसके लिए सब कारण …